ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूर के नाम से करीब 50 करोड़ का लेनदेन, इनकम टैक्स का नोटिस आया तो पता चला

ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूर के नाम से करीब 50 करोड़ का लेनदेन, इनकम टैक्स का नोटिस आया तो पता चला

अजमेर: जिले में ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूर के नाम पचास करोड़ रुपए का लेनदेन करने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पीड़ित को इस बात का पता तब चला, जब इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट ने उसे लेनदेन को लेकर नोटिस भेजा। पीड़ित का आरोप है कि उसके नाम से फर्जी पेनकार्ड बनाकर बैंक में खाता खोला गया। कंपनी बनाकर करोड़ों का लेनदेन किया गया। जबकि वह ईंट भट्‌टे पर मजदूरी कर जैसे तैसे गुजर बसर कर रहा है और इतनी बड़ी राशि तो उसके ख्वाबों में भी नहीं आती। पीड़ित ने इस मामले में कथित कंपनियों सहित चार के खिलाफ बिजयनगर थाने में मामला दर्ज कराया है।

गोपाल जी का भट्टा, एकलव्य नगर, बिजयनगर निवासी पुखराज प्रजापत पुत्र किशन लाल ने रिपोर्ट देकर बताया कि वह एक गरीब मजदूर और अनपढ़ व्यक्ति है। ईंट के भट्टे पर कार्य कर अपना गुजर बसर करता है। पुखराज ने बताया कि वह अपने जीवन में राजस्थान के बाहर, मुम्बई शहर अथवा कोई अन्य राज्य नहीं देखा। चूंकि वह एक ईट बनाने वाला मजदूर है और बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का जीवनयापन करता है। मात्र 15 हजार रुपए प्रति माह दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। ऐसी स्थिति में इस राशि का लेन-देन ख्वाबों में नहीं आता है। उसका पेन कार्ड करीब 10-12 वर्ष पूर्व से बना हुआ है। हाल ही में 16 फरवरी 2022 को आयकर विभाग ब्यावर से धारा 142, इन्कम टैक्स नियम 1961 के तहत एक नोटिस प्राप्त हुआ।

इसमें बताया गया है कि वर्ष 2014-15 के लिए 25 अक्टूबर 2021 को धारा 142(1) के अन्तर्गत एक नोटिस भेजकर विवरण मांगा था। वह बहुत कम पढ़ा लिखा होने के कारण अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं है और ऐसे में नोटिस को समझ न पाया और गौर नहीं किया। फिर से नोटिस मिला तो किसी पढे लिखे व्यक्ति से पढाने के बाद पूरा मामला समझ में आया।

इनकम टैक्स के नोटिस से चला पता, करीब 50 करोड़ का लेनदेन

नोटिस में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान वह कार्तिक ट्रेडिंग कंपनी का मालिक था। रेणुका एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड के साथ लेन देन किया। रेणुका एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 48 करोड़ 51 लाख 89 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। रेणुका माता मल्टी स्टेट अर्बन कोआपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड से भी 1 करोड़ 37 रुपए प्राप्त किए। इनको लेकर इनकम टैक्स विभाग ने जवाब मांगा है।

पीड़ित पुखराज का कहना है कि किसी स्थानीय व्यक्ति अथवा परिचित व्यक्ति उसका एक फर्जी पैन कार्ड बनवाकर उसके नाम से बैंक खाता खोल कर उसके नाम से व्यवसाय कर रहा है। जिसकी उसको कोई जानकारी नहीं है। आयकर विभाग की ओर से जो पेनकार्ड बताया, वह उसका नहीं हैं। आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर धोके से उसके नाम से बैंक में फर्जी खाता एवं फर्जी फर्म खोलकर तथा फर्जी पैन कार्ड बनवाकर लेन-देन किया है। अत: कार्रवाई की जाए।

पीड़ित ने रेणुका एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड, रेणुका माता मल्टी स्टेट अर्बन कोआपरेटिव क्रेडिट सोसायटी , कार्तिक ट्रेडिंग कंपनी, चेलाराम तुलसानी, आईटीओ, डब्ल्यूडी-1 टैक्स डिपार्टमेंट, ब्यावर इनके खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।

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