पायलट पर तंज कसने वाले नागर को पंचायत चुनावों में पायलट नाम का ही सहारा

जयपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों पर जमकर कोसने वाले दूदू से निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर अब पंचायत चुनावों में अपने पुत्र और पुत्रवधु को जिला परिषद व पंचायत चुनाव में जीतवाने के लिए पायलट के नाम का उपयोग करने से भी परहेज नहीं कर रहे।

जिला परिषद,जयपुर के वार्ड 12 से कांग्रेस टिकट पर भाग्य आजमा रहे नागर के पुत्र विकास नागर तथा मोजमाबाद पंचायत समिति के वार्ड 13 से भाग्य आजमा रही पुत्रवधु रूपाली नागर की छपी प्रचार सामग्री के पोस्टर, पम्पलेट तथा नुक्कड़ सभा व जनसम्पर्क के बैनर आदि में पायलट का फोटो लगा देखा जा सकता हैं। इन पोस्टर बैनरों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा के बाद तीसरे नम्बर पर पायलट तथा उसके बाद जयपुर जिलाध्यक्ष राजेन्द्र यादव की फोटो लगी हुई हैं।

 

इनमें से केवल सचिन पायलट ही ऐसे नेता है जो संगठन तथा सरकार में किसी पद पर नहीं हैं। जानकार बताते है कि पायलट के इस क्षेत्र में प्रभाव के चलते पायलट को नेता के रूप में पोस्टर-वैनर पर फोटो देना नागर की मजबूरी हैं। यहां के स्थानीय लोगों की माने तो निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर वोट बैंक को खुश रखने के लिए पहले भी पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के फोटों आदि अपने कार्यक्रमों में लगाते रहे हैं।

पायलट पर तंज कसने वाले नागर को पंचायत चुनावों में पायलट नाम का ही सहारा

पिछले दिनों ये बोले थे नागर
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक माने जाने वाले बाबूलाल नागर ने पिछले दिनों एक चैनल व न्यूज पेपर से बातचीत में पायलट पर निशाना साधते हुए कहा था कि पिछले विधानसभा चुनाव में गलत टिकट वितरण के कारण कांग्रेस सौ से भी कम सीटों पर सिमटकर रह गई। टिकटों का सही वितरण होता तो कांग्रेस की 150 सीटें आती। हर गलती कीमत मांगती है। हारे हुए और जमानत जब्त प्रत्याशियों को टिकट देने का पायलट को दोषी बताते हुए कहा था कि उन्हें तो कांग्रेस आलाकमान से माफी मांगनी चाहिए।

 

इसी तरह पायलट समर्थक विधायकों पर भी तंंज कसते हुए कहा था कि19 विधायकों ने देखा उनके हथकंडे कामयाब नहीं हुए तब लौटें हैं। सचिन पायलट और उनके समर्थकों को कहा था कि कांग्रेस में कोई मुख्यमंत्री थोपकर नहीं बनाया जाता। सचिन पायलट की मुख्यमंत्री की दावेदारी को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि जहां कहीं कोई मुकाबला ही नहीं हो और जहां कोई टक्कर ही नही हो। गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि कोई केवल आलाकमान के निकट होने के कारण मुख्यमंत्री बन जाएगा।

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