जयपुर। राज्य मंत्रिमंडल ने राजस्थान में भी विधान परिषद के गठन पर मुहर लगाई है। हालांकि इसे विधानसभा में पारित कर संसद की मुहर लगाने के लिए भेजा जाएगा। संसद की मुहर पर ही तय करेगा कि विधान परिषद का गठन हो पायेगा या नहीं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में पहले मंत्रिमंडल व फिर मंत्री परिषद की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। हालांकि विधान परिषद के गठन का प्रस्ताव पहले भी विधानसभा में सर्व सम्मति से पारित किया गया था,लेकिन संसद में पारित नहीं हो पाया। वर्तमान में छह राज्यों में विधान परिषद है। हाल में पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु ने भी अभी विधान परिषद का प्रस्ताव पारित किया है।
सत्ता पक्ष की ओर से सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी व परिवहन मंत्री प्रतापसिंह ने स्वागत किया, लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां, उप नेता राजेन्द्र राठौड़ ने इसे असंतुष्टों को संतुष्ट करने वाला फैसला बताया तथा कहा कि अभी कोई प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगी,जबकि प्रतिपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया ने इसका स्वागत किया।
