नई दिल्ली: देश इस वक्त कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की चपेट में है, पिछले कई दिनों से रोज़ाना 4 हज़ार से ज्यादा कोरोना के मरीज़ों की जान जा रही है। यही वजह है कि वैक्सीन की मांग भी बढ़ने लगी है, कई राज्य सरकारें वैक्सीन की कमी को लेकर सवाल उठा रही हैं। इस बीच भारत में उत्पादित कोरोना टीकों के विदेश निर्यात को लेकर मचे हंगामे पर,सरकार का बचाव करते हुए सीरम के CEO अदार पूनावाला(Adar Poonawalla) ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत जितनी आबादी वाले देश में सबका टीकाकरण 2-3 महीनों में नहीं हो सकता है।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया, “हम दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से हैं, इतनी बड़ी जनसंख्या का टीकाकरण 2-3 महीने में पूरा नहीं किया जा सकता। इसमें कई तरह की चुनौतियां और कारक शामिल होते हैं, पूरी दुनिया के लोगों को टीका लगाने में 2-3 साल का वक्त लगेगा।”
We’re amongst 2 most populous countries in the world, a vaccination drive for such large population can’t be completed within 2-3 months, as several factors & challenges are involved. It’d take 2-3 yrs for entire world population to get fully vaccinated: Serum Institute of India pic.twitter.com/Hg9AM6SYPn
— ANI (@ANI) May 18, 2021
विदेशों में वैक्सीन निर्यात
अदार पूनावाला(Adar Poonawalla) ने कहा, जनवरी 2021 में हमारे पास टीकों का बड़ा भंडार था। हमारा टीकाकरण अभियान शुरू हो गया था, लेकिन कोरोना केस न्यूनतम स्तर पर थे। उस समय स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित अधिकतर लोगों ने मान लिया कि भारत में महामारी खत्म हो चुकी है। उस समय दुनिया के कई दूसरे देशों में संकट गंभीर था और उन्हें मदद की जरूरत थी। हमारी सरकार ने इस दौरान उनकी हर संभव मदद की।
सहयोग की यही भावना 2020 की शुरुआत में देशों के बीच देखने को मिली थी। देशों के बीच यही सहयोग हमारे लिए भी टेक्नॉलजी और हेल्थकेयर मदद तक पहुंच का आधार है। भारत ने HCQ और वैक्सीन की आपूर्ति से दूसरे देशों की मदद की और इसी वजह से हमें भी दूसरे देशों से मदद मिली।
पूनावाला ने आगे कहा, हमें समझना होगा कि यह महामारी किसी भौगोलिक या राजनीतिक सीमा में नहीं बंधी है। जब तक वैश्विक स्तर पर हर कोई इस वायरस को हराने में सक्षम नहीं होगा, हम सुरक्षित नहीं हो सकते हैं। ग्लोबल अलायंस के दौर पर हम कोवाक्स के प्रति प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे महामारी को हराने के लिए वैक्सीन का दुनियाभर में वितरण कर सकें।
