नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) राज्यों और जिलों के फील्ड ऑफिसर्स के साथ बैठक की। इस दौरान कोरोना के हालात और इससे निपटने के उनके अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने फील्ड ऑफिसर्स से कहा कि कई गांवों ने अपने यहां आना-जाना बहुत अच्छी तरह मैनेज किया है। एक-दो लोग बाहर जाकर चीजें लाते हैं और गांवों में बांटते हैं। बाहर से आने वालों की भी व्यवस्था करते हैं। कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में आपकी बहुत अहम भूमिका हैं। आप युद्ध के विंग कमांडर हैं। आप भारत की लड़ाई के महत्वपूर्ण फील्ड कमांडर हैं।
कालाबाजारी करने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
उन्होंने कहा कि वायरस के खिलाफ हमारे हथियार लोकल कंटेनमेंट जोन, एग्रेसिव टेस्टिंग, लोगों तक सही और पूरी जानकारी पहुंचाना है। हॉस्पिटल में बेड कहां और कितने हैं, लोगों को सहूलियत पहुंचाएंगे। कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। फ्रंट लाइन वर्कर्स का मनोबल ऊंचा रखना। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, बैठक में कर्नाटक, बिहार, असम, चंडीगढ़, तमिलनाडु, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
मोदी के संबोधन की अहम बातें
हर जिले के अपने अलग चैलेंज
आप लोगों से निवेदन है कि आपने जो अच्छा किया है, वो मुझ तक पहुंचाइए। मैं दूसरी जगहों पर उन्हें लागू करना निश्चित करूंगा। ये चीजें देश के काम आएंगी। आपके प्रयासों की मैं प्रशंसा करता हूं। हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियां भी हैं। हर जिले के अपने अलग चैलेंज हैं।
गांवों से कोरोना को दूर रखना होगा
आप अपने जिलों के चैलेंज को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं। जब आपका जिला जीतता है तो देश जीतता है। जब आपका जिला कोरोना को हराता है तो देश कोरोना को हराता है। हम इसलिए कहते हैं कि मेरा गांव मैं कोरोना मुक्त रखूंगा, कोरोना को नहीं घुसने दूंगा। गांव के लोग ये संकल्प लें।
पॉलिसी को लेकर आपको खुली छूट
अगर आपको लगता है कि सरकार द्वारा बनाई पॉलिसी में जिला स्तर पर इनोवेशन की जरूरत है और पॉलिसी को मजबूती मिलेगी तो मेरी तरफ से आपको खुली छूट है कि आप इनोवेशन करिए। अगर आपको लगता है कि आपके इनोवेशन देश या प्रदेश के लिए फायदेमंद हैं तो आप उसे सरकार तक पहुंचाइए। आप अपने अनुभव के आधार पर पॉलिसी में बदलाव की जरूरत लगती है तो उसे भी हम तक पहुंचाइए।
गरीब को परेशानी कम से कम हो
समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति का चेहरा ध्यान में रखकर काम करना है। उसे मदद मिले, ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। कोविड के अलावा जिले के हर एक नागरिक की ईज ऑफ लिविंग का भी ध्यान रखना है। संक्रमण को भी रोकना है और दैनिक जीवन से जुड़ी सप्लाई को भी बेरोकटोक चलाना है। गरीब को परेशानी कम से कम हो।
वैक्सीनेशन इस लड़ाई का सशक्त माध्यम
अस्पतालों में ऑक्सीजन मॉनिटरिंग कमेटी जितना सही काम करेगी, उतना ही ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल हो पाएगा। टीकाकरण कोविड से लड़ाई का सशक्त माध्यम है। इससे जुड़े हर भ्रम को हमें मिलकर निरस्त करना है। कोरोना के टीके की सप्लाई को बड़े स्तर पर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वैक्सीन वेस्टेज का प्रबंधन भी आप जानते हैं।
चुनौती बड़ी पर हमारा हौसला उससे भी बड़ा
बरसात के मौसम में आपकी चुनौतियां बढ़ जाती हैं। आपको बहुत तेजी से अपनी जरूरतों को पहचानना है और प्रबंध करना है। अस्पताल में बारिश की वजह से बिजली चली गई तो मुश्किल बढ़ जाएगी। इसे अभी से सोचना है। चुनौती बड़ी है और हमारा हौसला उससे भी बड़ा है। इरादों और हौसलों से ही हम देश को भी संकट से बाहर निकालेंगे।
20 मई को 10 राज्यों के अफसरों के साथ मीटिंग
जानकारी के मुताबिक, PM मोदी 20 मई को 10 राज्यों के 54 जिलाधिकारियों से भी चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि ये वे जिले हैं जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पुड्डुचेरी, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, उड़ीसा, केरल और हरियाणा के जिलाधिकारी शामिल होंगे।
