नई दिल्ली: कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संभावित खतरे को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो एक दिसंबर से प्रभावी हो जाएंगे। इन दिशानिर्देशों के अनुसार अब यात्री के लिए 14 दिन की यात्रा जानकारी जमा करना और यात्रा शुरू करने से पहले एयर सुविधा पोर्टल पर कोरोना वायरस की निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
इससे पहले दिन में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमरजेंसी मीटिंग के दौरान मौजूदा गाइडलाइंस को नए सिरे से पेश करने की बात कही थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार खतरे की श्रेणी में आने वाले देशों के यात्रियों को यहां पहुंचने पर कोरोना जांच करवानी होगी और जांच का परिणाम आने तक एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना होगा। अगर उनकी जांच निगेटिव आती है तो उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटीन में रहना होगा और आठवें दिन फिर जांच की जाएगी। इस बार भी निगेटिव आने पर उन्हें अगले सात दिन के लिए खुद अपने स्वास्थ्य पर नजर रखने को कहा जाएगा।
लिस्ट से बाहर के देशों से आने वालों की होगी रेंडम टेस्टिंग
गाइडलाइंस के मुताबिक, ‘कंट्री एट रिस्क’ लिस्ट से बाहर के देशों से आ रहे पैसेंजर्स को भारत में उतरने पर एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत होगी। ऐसे पैसेंजर 14 दिन तक अपनी हेल्थ को सेल्फ मॉनिटर करेंगे। इन पैसेंजर में से एक सब-सेक्शन (कुल पैसेंजर का 5% हिस्सा) का एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कोविड टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्ट रेंडम तरीके से यात्रियों को चुनकर किया जाएगा।
इन देशों को डाला गया है रिस्क जोन में
1. ब्रिटेन समेत यूरोप के सभी देश
2. दक्षिण अफ्रीका
3. ब्राजील
4. बांग्लादेश
5. बोत्सवाना
6. चीन
7. मॉरिशस
8. न्यूजीलैंड
9. सिंगापुर
10. जिम्बाम्ब्वे
11. हॉन्ग कॉन्ग
12. इजराइल
