वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि यूक्रेन पर हमला करने की रूस पूरी तैयारी कर चुका है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी समय के मुताबिक शुक्रवार रात को सहयोगी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बातचीत के बाद टेलीविजन संबोंधन में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास रूस की तैयारी के बारे में पुख्ता खुफिया सूचनाएं मौजूद हैं। बाइडेन ने कहा कि रूस की सेना ने सबसे पहले यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि कीव में 28 लाख लोग रहते हैं और रूस के हमले की स्थिति में उन सबकी जिंदगी खतरे में आ जाएगी।
यूक्रेन व रूस दोनों ने एक-दूसरे पर लगाया आरोप
रूस से युद्ध संकट के बीच यूक्रेन में लगातार दूसरे दिन धमाके हुए हैं। पूर्वी यूक्रेन में कथित रूस समर्थित अलगाववादियों ने एक कार को निशाना बनाया। वहीं, एक गैस पाइप लाइन को भी विस्फोट कर उड़ा दिया। इन दोनों ब्लास्ट को रूस से युद्ध के ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है। यूक्रेन ने जहां हमले के लिए रूस को जिम्मेदार बताया है, तो वहीं रूस ने इसे यूक्रेन की साजिश करार दिया है।
इधर, यूक्रेन के लुहान्सक में शनिवार सुबह (यूक्रेन के समय के मुताबिक शुक्रवार रात) हुए एक हमले से गैस पाइप लाइन फट गई, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। हमले के बाद यूक्रेन के इमरजेंसी विभाग ने लोगों को घरों में ही रहने को कहा है। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है।
हमला किया, तो कड़े प्रतिबंध लगाएंगे
बाइडेन ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा, ‘अभी भी वक्त है, पुतिन बातचीत की टेबल पर आकर इस विवाद का हल निकालें।’ बाइडेन ने कहा कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है, तो उसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध झेलने होंगे। उन्होंने रूस पर झूठी सूचनाएं फैलाने और लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।
अमेरिका ने शुक्रवार को दावा किया कि पिछले एक महीने के दौरान ही रूस ने यूक्रेन की सीमा पर लगभग 50 हजार सैनिक बढ़ा दिए हैं। इस समय यूक्रेन की सीमा पर लगभग दो लाख रूसी सैनिक तैनात हैं। अमेरिका का कहना है कि रूस ने पिछले हफ्ते यूक्रेन की सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या में कमी लाने का झूठा दावा किया था।
यूक्रेन में आर्थिक संकट गहराया
बॉर्डर पर रूसी सैनिकों की तैनाती के बाद यूक्रेन पर जहां युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, वहीं देश में आर्थिक संकट भी गहराने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन में रियल स्टेट और एयरलाइंस सेक्टर की स्थिति बिगड़ने लगी है। वहीं, युद्ध जैसी स्थिति की वजह से एक्सपोर्ट का कारोबार भी ठप हो गया है।

