नई दिल्ली: कोविड महामारी के दूसरे दौर में जमीनी हालात से रूबरू होने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के सभी फील्डर अफसरों से वर्चुअल मीटिंग की जिसका सीधा प्रसारण भी किया जा रहा था। इस ब्रॉडकास्टिंग पर सियासत शुरू हो गई है। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रोटोकॉल की याद दिलाते हुए सवाल उठाया कि पिछली बैठक में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की स्पीच के लाइव टेलीकास्ट पर दिक्कत हो गई थी। इस बार प्रधानमंत्री को ब्रॉडकास्ट की इजाजत थी?
सिसोदिया का ट्वीट
प्रधानमंत्री मोदी की स्पीच के तुरंत बाद सिसोदिया ने ट्वीट किया- आज की मीटिंग में प्रधानमंत्रीजी का वक्तव्य टीवी पर लाइव प्रसारित हुआ। पिछली बैठक में केजरीवालजी के लाइव प्रसारण पर आपत्ति थी। कहा गया था कि प्रोटोकॉल तोड़ा गया है। आज के प्रोटोकॉल में लाइव ब्रॉडकास्ट की इजाजत थी? कैसे पता चलेगा कि कौन सी मीटिंग का लाइव टेलीकास्ट हो सकता है और किस मीटिंग का नहीं?
पिछली मीटिंग में LIVE प्रसारण पर हुआ था पॉलिटिकल ड्रामा
- 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना के बिगड़ते हालात को लेकर मीटिंग की थी। इस मीटिंग में 10 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल थे।
- जैसे ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बोलने की बारी आई तो मीटिंग का लाइव टेलीकास्ट देश के टीवी चैनलों पर चलने लगा। केजरीवाल का लहजा सख्त था।
- टीवी पर लाइव बातचीत के दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने देश की राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया।
- पीएम मोदी ने यहीं पर केजरीवाल को टोक दिया। कहा था- ये हमारी जो परंपरा है, हमारे जो प्रोटोकॉल हैं, उसके खिलाफ हो रहा है कि कोई मुख्यमंत्री ऐसी इनहाउस मीटिंग को लाइव टेलीकास्ट करे। ये उचित नहीं है, हमें हमेशा संयम पालन करना चाहिए।
