नई दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के बाद ट्विटर ने सामाजिक कार्यकर्ता और वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ एक्शन लिया है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने वैक्सीनेशन पर किए गए प्रशांत भूषण के ट्वीट को मिसलीडिंग (भ्रम फैलाने वाला) बताया और उनके अकाउंट को 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया।
प्रशांत भूषण के कोविड वैक्सीन वाले ट्वीट पर लगा मिसलीडिंग टैग
भूषण ने सोमवार की शाम 6.20 बजे एक ट्वीट किया था। इसमें कहा गया था कि कोविड वैक्सीन पर अपने विचार रखने के कारण मुझ पर कई लोगों ने जुबानी हमला किया। मैं कुछ दस्तावेज पेश कर रहा हूं। इन कारणों से ही मेरे मन में वैक्सीन को लेकर भ्रम है। वैक्सीन का ट्रायल न किया जाना और उसके गंभीर नतीजों के अलावा मैं अपने विचारों को सेंसर किए जाने से भी चिंतित हूं।
ट्विटर ने न सिर्फ प्रशांत भूषण के ट्वीट पर मिसलीडिंग का लोगो लगाया, बल्कि वहां एक लिंक जनरेट कर दिया। इसे क्लिक करने पर यूजर के सामने वैक्सीन से जुड़ी जानकारियां आ जाती हैं। इसमें बताया गया है कि क्यों हेल्थ एक्सपर्ट्स ने ज्यादातर लोगों के लिए वैक्सीन को सुरक्षित बताया है।
So Twitter flagged the tweet below where I have explained my reasons for being a Vaccine skeptic (with references) as ‘misleading’ & blocked my account for 12 hours. This shows what I have said about the Congruence of interests of Big Pharma&IT platforms to allow just 1 narrative https://t.co/lK8zjCuvjm
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) June 29, 2021
ट्विटर की कार्रवाई के बाद प्रशांत भूषण का रिएक्शन
ट्विटर ने प्रशांत भूषण को 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया था। ब्लॉक खुलने के बाद मंगलवार सुबह 10.42 बजे प्रशांत भूषण ने एक और ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा, ‘तो ट्विटर ने मेरे ट्वीट को मिसलीडिंग बताया है। मैंने उस ट्वीट में सबूतों के साथ बताया था कि वैक्सीन को लेकर मेरे मन में संदेह क्यों है। इसके बाद भी मुझे 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया गया। मैंने पहले भी कहा था कि फार्मा और IT कंपनियों के बीच गठजोड़ है। दोनों एक नैरेटिव को लेकर चलते हैं। ट्विटर के एक्शन से ये साबित हो गया है।
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