नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय पर केंद्र सरकार ने एक्शन लेने का फैसला लिया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की ओर से उन्हें यह जानकारी दी गई है। मुख्य सचिव के पद से इस्तीफा देकर ममता बनर्जी के सलाहकार बने अलापन के खिलाफ ऑल इंडिया सर्विसेज के रूल्स के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में केंद्र ने उनके खिलाफ जांच के भी आदेश दिए हैं। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस नोटिफिकेशन के जारी होने के 30 दिनों के अंदर अलापान अपने बचाव में रिपोर्ट जमा करवा सकते हैं। या फिर वो खुद पेश होकर घटना की वजह को स्पष्ट कर सकते हैं। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो जांच कमेटी उन पर लगे आरोपों के आधार पर एकतरफा फैसला देगी।
आपको बता दें कि अलापान का कार्यकाल 31 मई को खत्म हुआ था। अगले ही दिन केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने उन्हें दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में रिपोर्ट करने के लिए कहा था। लेकिन अलापान उसी दिन रिटायर हो गए और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तुरंत उन्हें अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त कर लिया था। बाद में अलापान ने केंद्र की चिट्ठी का जवाब दिया, लेकिन कार्मिक मंत्रालय उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ था।
Department of Personnel and Training has informed former West Bengal chief secretary Alapan Bandyopadhyay (in file pic) that Central Govt proposes to hold major penalty proceedings against him under All India Services (Discipline and Appeal) Rules pic.twitter.com/ejl0T2ftqZ
— ANI (@ANI) June 21, 2021
बता दें कि इस प्रकरण के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग ने एक आदेश जारी किया है। इसके तहत किसी भी अधिकारी को रिटायरमेंट के बाद नई भर्ती पर लिए जाने से पहले संबंधित विभाग को केंद्रीय सतर्कता आयोग से क्लियरेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय को जब केंद्र सरकार ने वापस बुलाया था तो उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया. जिसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया गया।
