जयपुर। राज्य मंत्रिमंडल की बुधवार यानी कल शाम होने वाली बैठक के बाद अनलॉक-4 की नई गाइड लाइन कभी भी आ सकती हैं। इस गाइड लाइन का आमजन तथा कारोबारियों सबको इंतजार हैं। खासकर शादी-विवाह वाले तथा उन कारोबारियों को अधिक बेसब्री से इंतजार है जिनका कारोबार अभी तक अनलॉक नहीं हुआ है। जैसे मल्टीप्लक्स, सिनेमा हॉल, कोचिंग सेंटर तथा शिक्षण संस्थाएं आदि।
कोरोना के मामले लगातार घटने तथा एक्टिव केसों में आई कमी को देखते हुए सरकार भी कुछ और छूट देने पर विचार कर रही है ताकि कोरोना के कारण डगमगाई गाड़ी फिर से पटरी पर आए। प्रदेश मे वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोग तो अनलॉक-3 की आई गाइड लाइन के समय से ही नाखुश हैं। इस कारोबार से जुड़े लोग अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके है तथा विभिन्न माध्यमों से सरकार पर दबाव भी बनाए हुए हैं। अब देवउठनी एकादशी तक तीन सावे बचे है। माना जा रहा है सरकार शादियों को लेकर पूर्व में दी गई छूट में बढ़ोत्तरी कर 50 लोगों की तय संख्या को बढ़ाकर सौ तक कर सकती हैं। शादी-विवाह के शाम 4 बजे तक के समय में भी छूट दी जा सकती हैं।
व्यवसायियों को मिल सकेगी राहत
बाजारों के खुलने व बंद के अभी तय समय में एक से दो घंटे का इजाफा किया जा सकता है। वर्तमान में शाम 7 बजे तक का समय निर्धारित हैं। इससे रेस्टोरेंट तथा कई अन्य व्यवसायियों को काफी हद तक राहत मिल सकेगी। मल्टीप्लक्स, सिनेमा हॉल खुलने का जहां तक सवाल है इन्हें भी कोरोना गाइड लाइन की पालना तथा एक सीट छोड़ एक सीट पर बैठक व्यवस्था के साथ अनुमति दी सकती हैं। राज्य सरकार 15 जुलाई के बाद जब मिडिल से ऊपर तक के बच्चों के लिए कॉलेज-स्कूल खोल शिक्षण सत्र शुरू करने का मानस है। इसलिए कोचिंग वालों को भी प्रोटोकॉल की पूर्ण पालना के साथ कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलने की अनुमति प्रदान किए जाने की संभावना हैं।
समय सीमा छूट बढ़े
भव्य कैटर्स के मालिक जितेन्द्र कायथवाल ने बताया कि कोरोना से बचाव की गाइड लाइन सौ फीसदी अपनाने को तैयार है। सरकार छूट तो दे ताकि कंगाली के दौर में पहुंच चुके इस उद्योग को बचाया जा सके। इसी प्रकार रेस्टोरेंट संचालक चमन अग्रवाल का कहना है कि हमारा व्यवसाय तो मुख्य रूप से शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक का है। जब सरकार ने दिन में आवागमन की पूरी छूट दे रखी है तो रात्रि में तो वैसे भी ट्रैफिक आवागमन दिन के मुकाबले कम हो जाता है। दूसरा कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करने को हम बाध्य है ऐसे में समय की छूट बढ़ानी चाहिए।
चिकित्सा विशेषज्ञों की तरफ से सकारात्मक सहमति आई तो सरकार में बैठे मंत्री व अधिकारी भी इन सब छूटों के लिए तैयार है, क्योंकि उन पर भी आमजन व कारोबारियों का दबाव हैं। माना जा रहा है कि इस बार की गाइड लाइन में वीकेंड कर्फ्यू को भी समाप्त किया जा सकता है। केवल देर रात का कर्फ्यू फिलहाल जारी रहेगा।
