जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दौसा के लालसोट में महिला चिकित्सक द्वारा आत्महत्या के मामले में दौसा जिले के एसपी अनिल कुमार को हटाने, लालसोट एसएचओ को निलंबित करने तथा वृत्ताधिकारी को एपीओ करने के निर्देश दिए हैं। संभागीय आयुक्त दिनेश कुमार यादव मामले की प्रशासनिक जांच करेंगे। CM गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस घटना में महिला चिकित्सक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कमेटी गठित
CM गहलोत ने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने एवं आवश्यक सुझाव देने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा, पुलिस एवं विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा चिकित्सक शामिल होंगे। यह कमेटी सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर एक गाइडलाइन प्रस्तुत करेगी, जिसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।
डॉक्टर को अनावश्यक दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं
बैठक में CM गहलोत ने महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना शर्मा द्वारा आत्महत्या की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में चिकित्सकों को ईश्वर के समान दर्जा दिया गया है। वे रोगियों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इसके बावजूद कई बार अप्रिय घटना होने पर डॉक्टर को अनावश्यक रूप से दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं है। यदि ऐसा होगा तो चिकित्सक पूरे समर्पण के साथ अपना दायित्व कैसे निभा पाएंगे।
CM गहलोत ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान चिकित्सकों एवं नर्सिंगकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई थीं। ऐसे चिकित्सकों से इस प्रकार का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस प्रकरण में मानवाधिकार आयोग ने प्रसंज्ञान लेते हुए डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
विप्र कल्याण बोर्ड अध्यक्ष ने सीएम का जताया आभार
विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा ने लालसोट के डॉ. अर्चना शर्मा सुसाइड मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही को न्यायसंगत बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। इस बीच विप्र फाउंडेशन भरतपुर जोन के अध्यक्ष वेदप्रकाश उपाध्याय व विप्र वाहिनी के प्रवीण व्यास डॉ. अर्चना शर्मा सुसाइड प्रकरण मामले में पांच सूत्रीय मांग को लेकर लालसोट थाने के बाहर सुबह से धरने पर बैठे थे। सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेशों के बाद अपना धरना समाप्त कर दिया। विप्र फाउंडेशन ने सरकार की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। अन्य मांगों को लेकर विप्र फाउंडेशन का संघर्ष जारी रहेगा।
