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मौत के क्लेम में भी रिश्वत : ACB को देख भागने लगा ESIC मैनेजर

अलवर : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अलवर की टीम ने बुधवार को मजदूर की मौत के बाद उसके परिवार को मिलने वाली क्लेम राशि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने वाले ईएसआईसी बहरोड़ (ESIC) के मैनेजर रामानंद खटीक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इस काम के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। लेकिन बाद में 5 हजार में वह राजी हो गया। यह रिश्वत मृतक मजदूर को नियुक्त करने वाली कंपनी से मांगी गई थी।

एसीबी के एएसपी विजय सिंह ने बताया कि नीमराणा के घिलोट में एक कंपनी में काम करने वाले मजदूर की 18 जून को मौत हो गई थी। मजदूर किसी दूसरे प्रदेश का रहने वाला है। वह प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए मजदूरी करने लगा था। उसकी मौत के बाद प्लेसमेंट कंपनी क्लेम के मामलों का निबटारा करके देती है। यह क्लेम कर्मचारी राज्य बीमा निगम ईएसआईसी (ESIC) से मिलना है। क्लेम राशि जारी करने के एवज में रिश्वत लेते ईएसआईसी के मैनेजर रामानंद खटीक को ACB ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी ने कंपनी मैनेजर गुरुग्राम निवासी युद्धवीर यादव को रिश्वत देने के लिए ऑफिस ही बुलाया। रिश्वत की राशि लेने के बाद एसीबी ने मैनेजर को ट्रैप कर लिया। एसीबी को देखकर एक बार तो मैनेजर बाहर की तरफ भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन उसे वहीं गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी के एएसपी विजय सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रेमचंद और उनकी टीम यह कार्रवाई की है। मैनेजर जयपुर के कोटपूली के गोनेड़ा गांव का रहने वाला है। जिसने पहले 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। बाद में 5 हजार रुपए रिश्वत देना तय हुआ था।

प्रति केस मांग रहा था 10 हजार

एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि ईएसआईसी के मैनेजर प्लेसमेंट एजेंसी के प्रतिनिधि से क्लेम के प्रति केस 10 हजार रूपए की रिश्वत मांग रहा था। कई दिन चक्कर कटाने के बाद में रिश्वत की राशि घटकर 5 हजार रूपए तय की गई। लेकिन ईएसआईसी का मैनेजर प्रत्येक क्लेम पर रिश्वत की मांग करता रहा। इसके बाद परिवादी ने एसीबी में शिकायत कर ट्रैप करवाया।

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