जयपुर। गहलोत सरकार में निर्दलीयों व बसपा से आए विधायकों की अधिक चलने का मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया। इन विधायकों के सामने विधानसभा चुनाव हारे उम्मीदवारों के प्रतिनिधि मनीष यादव आज आखिर कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राजस्थान प्रभारी अजय माकन के समक्ष अपनी बात रखने में कामयाब हो गए।
यादव तथा निर्दलीय व बसपा के सामने हारे कांग्रेस उम्मीदावार 6 नेता माकन से मिलने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। बाकी नेता तो थककर लौट आए,लेकिन मनीष यादव वहीं डटे रहे और आज मुलाकात करके ही लौंटे। 13 निर्दलियों और छह बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को मिलाकर कुल 19 सीटों के हारे हुए प्रत्याशी है जो पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समर्थक माने जाते हैं। यादव ने उन्हीं का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी बात रखी।
शाहपुरा से कांग्रेस उम्मीदवार रह चुके मनीष यादव ने मुलाकात करके अनदेखी का मुद्दा उठाया। पायलट समर्थक हारे हुए कुल 6 उम्मीदवार दिल्ली गए थे और प्रभारी अजय माकन से मिलने का समय मांगा था,लेकिन प्रभारी महामंत्री से कल तक समय नहीं मिलने के कारण बाकी लौट आएं। मनीष यादव ने इन सभी हारे हुए प्रत्याशियों के क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सत्ता-संगठन में लगातार अनदेखी की शिकायत की।
निर्दलीय और बसपा विधायकों को ही सब कुछ सौंप दिया
यादव ने माकन को बताया कि 19 सीटों पर हम कांग्रेस के टिकट पर हारे, इन सीटों पर कांग्रेस को हराने वाले निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को ही सब कुछ सौंप दिया है। इन 19 विधायकों ने सरकार का समर्थन किया तो हमने स्वागत किया, लेकिन सरकार के साथ संगठन की जिम्मेदारी भी इन इलाकों में उन्हें ही सौंप दी जिन्होंने पार्टी को हराया। जिन कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने में मेहनत की, कांग्रेस के लिए काम किया, उनकी लगातार अनदेखी हो रही है। उन कार्यकर्ताओं की अनेदखी होना गलत है।
पहले भी सोनिया गांधी को चिठ्ठी लिखकर अपनी बात रखी
राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके मनीष यादव ने बताया कि जिसने कांग्रेस के लिए काम किया आज वह अलग-थलग महसूस कर रहा हैं। यादव ने कहा कि हमने पहले भी सोनिया गांधी को चिठ्ठी लिखकर अपनी बात रखी थी। कांग्रेस सत्ता में है और बहुमत में है, इसके बावजूद निर्दलीयों और बसपा से आने वालों को एकतरफा सपोर्ट करना गलत है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मुलाकात के बाद सियासी उठापटक तेज होगी। पायलट समर्थक दूसरे विधायक भी बहुत दिनों तक चुप बैठने वाले नहीं हैं।
