बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा ने संसद में सक्रिय रहते हुए डूंगरपुर-रतलाम-बांसवाड़ा बड़ी रेल लाईन सहित अन्य मुद्दे प्रमुखता से उठायें

- बांसवाड़ा में रेल ले जाने का मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना
- गोपेंद्र नाथ भट्ट

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बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा ने संसद में सक्रिय रहते हुए डूंगरपुर-रतलाम-बांसवाड़ा बड़ी रेल लाईन सहित अन्य मुद्दे प्रमुखता से उठायें

नई दिल्ली। बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा ने शुक्रवार को समाप्त हुए संसद के बजट सत्र के प्रथम चरण में बहुत सक्रियता दिखाते हुए डूंगरपुर-रतलाम-बांसवाड़ा बड़ी रेल लाईन के कार्य को शुरु कराने के लिए न केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात की वरन उन्होंने इस मामले को लोकसभा में भी जोरशोर से उठाया।

कटारा ने एक मुलाक़ात में कहा कि मेरे जीवन का यह सपना है कि यह रेल लाईन हर हालात में पूरी हों ताकि दक्षिणी राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश और गुजरात का सम्पूर्ण आदिवासी क्षेत्र रेल परिवहन से जुड़े और लोगों को आवागमन,रोज़गार,व्यापार, ओद्धयोगिक उत्पाद लाने ले जाने और पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुँचने की सुविधा मिल सके।

लोकसभा के शून्य काल में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के 75 वर्षों के बाद भी उनके संसदीय क्षेत्र के बाँसवाड़ा जिले के किसी कोने से रेल नही गुजरती और कई पीढ़ियां रेल की सिटी सुने बिना दुनिया से अलविदा हो गई। कटारा ने कहा कि विकास योजनाओं में राजनीति नही होनी चाहिए और कितना अच्छा होता कि राजस्थान सरकार एम ओ यू की शर्तों के अनुसार अपने हिस्से की राशि दे देती तों यह महत्वाकांक्षी परियोजना कभी की पूर्ण हो जाती और उसकी लागत भी दुगनी नही होती।

उन्होंने बताया कि इन विडम्बना पूर्ण परिस्थितियों में ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि यदि राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी नही देती तों भी वे तीनों प्रदेशों की आदिवासी इलाक़ों की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार से परियोजना की शत प्रतिशत लागत वहन करवा इसका काम तत्काल शुरू करायें अन्यथा और अधिक विलम्ब होने से परियोजना की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ती जायेंगी।

बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा ने संसद में सक्रिय रहते हुए डूंगरपुर-रतलाम-बांसवाड़ा बड़ी रेल लाईन सहित अन्य मुद्दे प्रमुखता से उठायें

सांसद कटारा की संसद में आंगनवाड़ी कार्य कर्ताओं और सहायिकाओं को स्थाई करने की माँग

सांसद कनकमल कटारा ने देश के दूरदराज क्षेत्रों विशेष कर आदिवासी क्षेत्रों में मामूली मानदेय पर कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्य कर्ताओं और सहायिकाओं को स्थाई किए जाने और जर्जर आंगनवाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण की माँग भी उठाई। कटारा लोकसभा के बजट सत्र में इस बार विभिन्न विषयों पर चार बार सदन में बोले और क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को रखा।

कटारा ने लोकसभा में बजट पर हुई बहस में भी भाग लिया। साथ ही राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा-2021 (रीट) मामले की सी.बी.आई. से जांच कराने की माँग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी रखें। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में धर्मान्तरण का मामला उठाया और दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्र में धर्मान्तरण के प्रयासों को रोकने के लिए ढोस उपाय सुनिश्चत करने की माँग की।

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