जयपुऱ़: विभिन्न मंत्रोच्चार के साथ 3000 से अधिक स्टूडेंट्स और फेकल्टी मैंबर्स ने शुक्रवार को 51 कुंडीय पंच महायज्ञ में 51 हजार आहुतियां दीं। मंत्रोच्चार की ध्यनि से पूरा वातारण धार्मिक और सकारात्मक हो उठा।
अवसर था महात्मा ज्योतिराव फुले विश्वविद्यालय, जयपुर की ओर से शुक्रवार को सोडाला कैम्पस में आयोजित 51 कुंडीय पंच महायज्ञ का। पंच महायज्ञ का आयोजन कोरोना महामारी के बाद स्टूडेण्ट्स में सकारात्मकता लाने, नवीन ऊर्जा का संचार, तनाव मुक्ति और मनोबल बढ़ाने के उद्देष्य से किया गया।
विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन निर्मल पंवार ने बताया कि यज्ञ मानव जीवन में सफलता के लिए आवश्यक है। यज्ञ से सकारात्मकता के साथ वातावरण भी शुद्ध होता है।
गायत्री सप्त क्रांति ट्रस्ट, जयपुर के आचार्यों के संयोजन में हुए पंच महायज्ञ में आरटीडीसी चैयरमेन धर्मेन्द्र राठौड, जयपुर नगर निगम हेरिटेज महापौर मुनेश गुर्जर, जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर, एसडीएम जयपुर एल सी कटारा, डॉ. एम रॉय चौधरी आदि ने आहुतियां दीं। इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों को आशीवर्चन देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि सोडाला जयपुर की संचालिका वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी स्नेह दीदी और राखी दीदी ने तनाव मुक्ति में यज्ञ की महत्ता को बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण शु़द्ध के साथ ही मन में अच्छाइयों का विकास होता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के 3000 से अधिक विद्यार्थियों और फेकल्टी मैंबर्स ने भी आहुतियां देकर देश में सुख-षांति की कामना की। अंत में भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया।

