जयपुर: प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने झुंझुनूं और भरतपुर में कार्रवाई करते हुए झुंझुनूं ग्रामीण डीएसपी भंवरलाल और नदबई तहसील पटवारी को घूस लेते गिरफ्तार किया है। टीम ने डीएसपी भंवरलाल खोखर को दो कांस्टेबल के साथ 1 लाख 55 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी के एडिशनल एसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि परिवादी ने 10 सितंबर को जयपुर एसीबी मुख्यालय में झुंझुनू सीओ ग्रामीण भंवरलाल खोखर के खिलाफ परिवाद दिया था कि फरवरी 2020 से दहेज के मामले की जांच को पेंडिंग रख रखा था। सीओ ने दो कांस्टेबल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करने और मुल्जिमों को गिरफ्तार करने की एवज में परिवादी से 2 लाख की डिमांड की थी।
इस पर एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई। एसीबी की टीम ने सीओ ग्रामीण भंवरलाल खोखर और दो कांस्टेबल राजवीर सिंह और महिपाल सिंह को रंगे हाथों रिश्वत की राशि लेते गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल महिपाल सिंह ने नवलगढ़ स्थित अपने घर पर परिवादी से 1 लाख 55 हजार की रिश्वत ली थी। डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन के निर्देश पर DSP नरोत्तम वर्मा, CI नीरज भारद्वाज और मानवेन्द्र सिंह ने कार्रवाई की। फिलहाल एसीबी पूरे मामले की जांच कर रही है।
9 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा
वही, धौलपुर ACB ने भरतपुर के नदबई तहसील में एक पटवारी को 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। घूसखोर पटवारी ने जमीन का नामांतरण करने के एवज में परिवादी से 9 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ACB ने फ़िलहाल परिवादी का नाम गोपनीय रखा है।
ACB के अधिकारियों ने बताया की रिश्वतखोर पटवारी को पकड़ने के लिए धौलपुर ACB ने 4 बार ट्रैप की कार्रवाई करनी चाही, लेकिन दो बार तो पटवारी ने पैसे नहीं लिए और दो बार किसी और कारण के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई। जिसके बाद आज पांचवी बार कार्रवाई की कोशिश की गई और पटवारी राहुल मीणा को परिवादी से 9 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप कर लिया गया। पटवारी राहुल मीणा ने परिवादी से पैसे लेकर अपनी फ़ाइल में रख लिए थे। ACB ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पटवारी को गिरफ्तार कर लिया।

