नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टॉयकैथॉन-2021 (Toycathon-2021) के प्रतिभागियों से बात की। इसके बाद अब पीएम मोदी उन्हें संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, बच्चे की पहली पाठशाला अगर परिवार होता है तो, पहली किताब और पहले दोस्त, ये खिलौने ही होते हैं। समाज के साथ बच्चे का पहला संवाद इन्हीं खिलौनों के माध्यम से होता है।
पीएम मोदी ने आगे कहा, “ग्लोबल टॉय मार्केट करीब 100 बिलियन डॉलर का है. इसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ डेढ़ बिलियन डॉलर के आसपास ही है। आज हम अपनी आवश्यकता के भी लगभग 80 प्रतिशत खिलौने आयात करते हैं। यानि इन पर देश का करोड़ों रुपए बाहर जा रहा है. इस स्थिति को बदलना बहुत जरूरी है।”
PM Shri @narendramodi interacts with participants of Toycathon-2021. https://t.co/I4KH2QpZJa
— BJP (@BJP4India) June 24, 2021
टॉयकैथॉन-2021 (Toycathon-2021) में पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
जितने भी ऑनलाइन या डिजिटल गेम्स आज मार्केट में उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकतर का कॉन्सेप्ट भारतीय नहीं है. आप भी जानते हैं कि इसमें कई गेम्स के कॉन्सेप्ट या तो हिंसा को प्रमोट करते हैं या फिर मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।
भारत के वर्तमान सामर्थ्य को, भारत की कला-संस्कृति को, भारत के समाज को आज दुनिया ज्यादा बेहतर तरीके से समझना चाहती है. इसमें हमारे खिलौने और गेम इंडस्ट्री बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है।
टॉयकैथॉन-2021 आयोजन का उद्देश्य अभिनव खिलौनों और गेम्स के लिए नए विचारों को क्राउड-सोर्स द्वारा आमंत्रित करना है। टॉयकैथॉन का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, डीपीआईआईटी, कपड़ा मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा एआईसीटीई संयुक्त रूप से करता है। टॉयकैथॉन, भारत के घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक खिलौना बाजार हमारे विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। टॉयकैथॉन-2021 का उद्देश्य भारत में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देना है, ताकि खिलौना बाजार के व्यापक हिस्से पर भारत अग्रणी हो सके।
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