नई दिल्ली: भारत और एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी (Gautam Adani) के नेतृत्व वाले अडानी समूह के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। नेशनल सिक्यूरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Ltd) ने तीन विदेशी फंडों के अकाउंट पर रोक लगा दी है। इन फंडों ने अडानी ग्रुप(Adani Group) की कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसकी वजह से अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है।
NSDL ने Albula इनवेस्टमेंट फंड, Cresta फंड और APMS इनवेस्टमेंट फंड के अकाउंट फ्रीज किए हैं। डिपॉजिटरी की वेबसाइट के अनुसार ये अकाउंट 31 मई को या उससे पहले ही फ्रीज किए गए हैं।
सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयर टूटे
इस खबर की वजह से अडानी ग्रुप के शेयर आज धड़ाम हो गए। अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) के शेयर 15 फीसदी टूटकर 1361.25 रुपये पर पहुंच गया। अडानी पोर्ट्स ऐंड इकोनॉमिक जोन 14 फीसदी, अडानी पावर 5 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) 5 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी 5 फीसदी, अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) 5 फीसदी टूट गया।
अभी तक इस बारे में अडानी ग्रुप की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। ये तीनों फंड मॉरीशस के हैं और सेबी में इन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) के रूप में रजिस्टर्ड किया गया है। तीनों का संयुक्त रूप से अडानी एंटरप्राइजेज में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन में 3.58 फीसदी का निवेश है।
क्यों की गई कार्रवाई
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, ओनरशिप के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। अकाउंट फ्रीज होने का मतलब यह है कि ये फंड अब न तो अपने खाते के शेयर बेच सकते हैं और न ही नए शेयर खरीद सकते हैं।
विदेशी निवेशकों को हैंडल करने वाले डिपॉजिटरी ने कहा कि मनी लॉड्रिंग रोधी कानून (PMLA) के तहत इन अकाउंट से फायदा उठाने वाले स्वामित्व के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। कस्टोडियन आमतौर पर अपने ग्राहकों को ऐसी कार्रवाई से पहले नोटिस देते हैं, लेकिन फंड से कोई जवाब न मिलने पर अकाउंट को फ्रीज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाती है।
