नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के एक दिन बाद सरकार ने वैक्सीनेशन प्रोग्राम की नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। राज्यों को उनकी आबादी, कोरोना संक्रमण के प्रसार और वैक्सीनेशन की गति के हिसाब से टीके आवंटित किए जाएंगे। इसके मुताबिक केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माता कंपनियों से 75% वैक्सीन खरीद कर राज्यों को मुफ्त में देगी। साथ ही कहा है कि प्राइवेट अस्पतालों के लिए वैक्सीन की कीमत मैन्युफैक्चरर कंपनियां ही घोषित करेंगी।
केंद्र की तरफ से राज्यों को वैक्सीन के जितने डोज मिलेंगे। उनमें राज्यों को प्राथमिकता तय करनी होगी। इस प्रायरिटी में हेल्थकेयर वर्कर्स सबसे ऊपर रहेंगे। इसके बाद 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और फिर उन लोगों को प्राथमिकता देनी होगी जिनका दूसरा डोज बाकी है। इसके बाद 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का नंबर आएगा। इनके वैक्सीनेशन के लिए राज्य सरकार अपने हिसाब से प्रायरिटी तय कर सकेगी।
नई गाइडलाइंस में ये बातें भी शामिल
- केंद्र सरकार राज्यों को उनकी आबादी, संक्रमितों की संख्या और वैक्सीनेशन का प्रोग्रेस जैसे पैमानों के आधार पर डोज भेजेगी। राज्यों को वेस्टेज का ध्यान रखना होगा, नहीं तो उन्हें मिलने वाली वैक्सीन की सप्लाई पर असर पड़ेगा।
- केंद्र सरकार राज्यों को पहले ही बता देगी कि उन्हें कितने डोज मिलने वाले हैं। इसी हिसाब से राज्य सरकारें भी उनके जिलों और वैक्सीनेशन सेंटर्स को एडवांस में ही डोज अलॉट कर देगी। जिलों और वैक्सीनेशनस सेंटर्स की तरफ से यह जानकारी सार्वजनिक की जाएगी ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
- सरकार छोटे कस्बों और दूरदराज के इलाकों में स्थित प्राइवेट अस्पतालों वैक्सीन सप्लाई बढ़ाने में मदद करेगी, ताकि भौगोलिक आधार पर असमानता को खत्म किया जा सके।
- राज्य सरकारें ऐसे छोटे अस्पतालों की वैक्सीन डिमांड का खाका तैयार करेंगी और केंद्र सरकार ऐसे अस्पतालों को वैक्सीन सप्लाई करने में मदद करेगी। इसके लिए दोनों के स्तर पर साथ-साथ काम होगा।
